दहेज प्रथा भी एक आतंकवाद है





- जापान में लोग पैसा इकट्ठा करते हैं, ताकि वे कारोबार शुरू कर सकें।

- अमरीका में लोग पैसा इकट्ठा करते हैं, ताकि वे दुनिया घूम सकें।

- इंग्लैंड में लोग पैसा इकट्ठा करते हैं, ताकि आराम की जिंदगी जी सकें।

- चीन में लोग पैसा इकट्ठा करते हैं, ताकि उनकी औलाद तरक्की कर सके।

- भारत में लोग पैसा इकट्ठा करते हैं, ताकि बेटी की शादी कर सकें। इसके लिए बाप सूदखोरों से ऊंची दर पर कर्ज लेता है, अपनी जमीन गिरवी रखता है। 

फिर उस कर्ज की किस्तें चुकाने के लिए जिंदगी भर सूदखोर का गुलाम बना रहता है। उसकी औलाद तकलीफों का सामना करती हैं। वे गलत रास्ते पर भी जा सकती हैं। 

इस तरह दहेज प्रथा तमाम बुराइयों की जड़ है। यही वजह है कि लोग भ्रूणहत्या जैसा कदम उठाते हैं। दहेज देने से बेहतर है कि बेटी को शिक्षा दीजिए, उसकी पढ़ाई बंद मत कराइए। जो लोग दहेज मांगें, उनका रिश्ता ठुकराने का हौसला रखें। 

कोई माने या न माने, दहेज प्रथा भी एक आतंकवाद है। इसमें एक बेगुनाह बाप की चीखें बारातियों के शोर में खो जाती हैं।


- राजीव शर्मा - 

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Image- Pixabay


Comments

  1. दिनांक 31/10/2017 को...
    आप की रचना का लिंक होगा...
    पांच लिंकों का आनंद पर...
    आप भी इस चर्चा में सादर आमंत्रित हैं...

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